नागपुर/मुंबई, 9–10 दिसंबर 2025: विधानसभा के शीतकालीन सत्र में CM फडणवीस का बयान
महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में बड़ा बयान दिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। फडणवीस ने ‘मुख्यमंत्री माजी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर सदन में उठ रहे बयान और उद्धरणों पर कड़ा रुख अपनाया।
🔥 क्या हुआ सत्र में?
जब सदन में कई विधायक अलग-अलग मुद्दों पर बहस कर रहे थे, कुछ सदस्यों ने हर सवाल में अपनी बात को मज़बूत करने के लिए लाडकी बहिन योजना का ज़िक्र किया। इससे मुख्यमंत्री प्रभावित हुए और उन्होंने सख्त शब्दों में सभी विधायकों को चेतावनी दी:
➡️ उन्होंने कहा कि “हर मुद्दे को लाडकी बहिन योजना से जोड़ना बंद करो” क्योंकि यह अनावश्यक है और सदन के उल्लेखित मुद्दों को भटका देता है।
➡️ फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि अगर विधायक फिर भी हर विषय में इसे जोड़ते रहे तो उन्हें “घर बैठने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है” (यानि आगे की बैठकों में जगह न मिलना) — यह चेतावनी सख्त स्वर में दी गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह योजना जारी रहेगी और पात्र महिलाओं को उनका लाभ मिलता रहेगा, लेकिन अन्य सवालों में इसकी तुलना या उसे जोड़ देना गलत है।
📌 केंद्रबिंदु — लाडकी बहिन योजना
‘मुख्यमंत्री माजी लाडकी बहिन योजना’ महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत:
-
राज्य की 21–65 वर्ष आयु की महिलाएँ,
-
जिनका वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम है,
-
उन्हें सीधे बैंक खाते में हर महीने आर्थिक सहायता मिलती है।
फडणवीस ने सदन को याद दिलाया कि यह योजना महत्वपूर्ण है और जारी रहेगी, इसलिए इसे सदन की हर बहस में राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
🗣️ सीएम का संदेश — राजनीति से ऊपर उठो
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार सभी कल्याण योजनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगी, और विधायकों से अपेक्षा की कि वे विषय-विशेष के अलावा योजनाओं का ज़िक्र अनावश्यक रूप से न करें।
उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब विपक्ष और कुछ सत्ताधारी दल के विधायकों ने योजना को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक बहस में टांगते हुए चर्चा का हिस्सा बनाया है — खासकर अन्य मुद्दों जैसे शराबबंदी, कानून-व्यवस्था या महिला सुरक्षा पर हो रही बहस में।
📊 राजनीतिक माहौल पर असर
-
विपक्ष इसे सरकार की योजना-प्राप्तियों पर हमला का हिस्सा बता रहा है।
-
वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि फडणवीस सरकार की प्रमुख योजनाओं को राजनीतिक विवाद से हटाकर विकास-केन्द्रित चर्चा में रखना चाहिए।
सत्र के इस बयान ने विधानसभा में गर्म राजनीतिक बहस और बयानबाज़ी को और बढ़ा दिया है — विशेष तौर पर लाडकी बहिन योजना को लेकर।




