कल्याण–डोंबिवली में महायुति की मजबूत पकड़, चुनाव

कल्याण–डोंबिवली | जनवरी 2026
कल्याण–डोंबिवली में महायुति की मजबूत पकड़, चुनाव से पहले बढ़त के साफ संकेत
निर्विरोध जीत, संगठन की ताकत और विपक्ष की कमजोरी से महायुति को बढ़त
15 जनवरी को होने वाले कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) चुनाव से पहले राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। ग्राउंड रिपोर्ट और चुनावी समीकरणों पर नज़र डालें तो महायुति (बीजेपी, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी अजित पवार गुट) की पकड़ इस इलाके में लगातार मजबूत होती जा रही है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख के बाद जो हालात सामने आए हैं, उन्होंने महायुति को चुनाव से पहले ही मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी है।
🔴 निर्विरोध जीत ने बढ़ाया आत्मविश्वास
कल्याण–डोंबिवली नगर निगम में:
सबसे ज्यादा पार्षद निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए
कई वार्डों में विपक्ष उम्मीदवार ही खड़ा नहीं कर पाया
कुछ जगहों पर नामांकन वापस ले लिए गए
इसका सीधा फायदा महायुति को मिला और संगठन में उत्साह का माहौल बन गया।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक:
“निर्विरोध जीत किसी भी चुनाव में संगठन की ताकत और विपक्ष की कमजोरी का साफ संकेत होती है।”
🟠 बीजेपी बनी महायुति की सबसे बड़ी ताकत
कल्याण–डोंबिवली में महायुति के भीतर:
बीजेपी सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है
बूथ लेवल मैनेजमेंट मजबूत
कार्यकर्ताओं की सक्रियता ज़्यादा
बीजेपी को: मध्यम वर्ग व्यापारी वर्ग युवा मतदाताओं
का अच्छा समर्थन मिलता दिख रहा है।



