“महापौर हिंदू और मराठी होगा” बयान से राजनीति गरमाई

महत्वपूर्ण नेताओं के बयान और बयानबाज़ी
✨ Devendra Fadnavis (महाराष्ट्र CM) ने कहा कि आगामी मुंबई के महापौर (Mayor) “हिंदू और मराठी” होंगे और वे Mahayuti (बीजेपी-संघ) से होंगे — इससे राजनीतिक टकराव और बयानबाज़ी तेज़ हुई है।
🔥 बयान की पृष्ठभूमि:https://youtube.com/@aaplanagarsevaknewschannel?si=kq3NA-WG5nMWO2wE
बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष के एक बयान के बाद, जिसमें कहा गया कि “किसी खान को महापौर नहीं बनने देंगे”, राजनीति और भी गरमाई।
शिवसेना (UBT) और MNS के नेता भी जोर दे रहे हैं कि महापौर मराठी होगा और उनकी ही गठबन्धन से आएगा।
बीएमसी चुनाव से ठीक पहले मुंबई के अगले महापौर (Mayor) को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में ज़बरदस्त हलचल मच गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। महापौर पद अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पहचान, विचारधारा और राजनीतिक वर्चस्व का मुद्दा बन गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सार्वजनिक मंच से कहा कि“मुंबई का अगला महापौर हिंदू और मराठी होगा और वह महायुति से ही चुना जाएगा।”
इस बयान के बाद मुंबई की राजनीति में भाषा और धर्म से जुड़ा मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है। बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इसे “मुंबई की अस्मिता” से जोड़कर देख रही है।
विवाद की जड़ क्या है?
दरअसल, इससे पहले बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के बयान पर विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि
“किसी विशेष समुदाय के व्यक्ति को महापौर नहीं बनने दिया जाएगा।”
हालांकि बाद में सफाई दी गई, लेकिन इसी बयान की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का यह बयान आया, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।




