
टीएमसी सांसद मौसमी नूर की कांग्रेस में वापसी, बंगाल चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद रहीं मौसमी नूर की कांग्रेस में वापसी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इसे उनकी ‘घर वापसी’ के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि मौसमी नूर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी। चुनाव से ठीक पहले हुआ यह घटनाक्रम कई सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
मौसमी नूर का प्रभाव खास तौर पर मालदा और उत्तर बंगाल के इलाकों में माना जाता है, जहां अल्पसंख्यक वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस में उनकी वापसी से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है, वहीं TMC के लिए यह झटका माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौसमी नूर की कांग्रेस में एंट्री से कांग्रेस–वाम गठबंधन को संजीवनी मिल सकती है और TMC के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। इसके साथ ही बीजेपी भी इस बदले हुए समीकरण पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा है कि अनुभवी और जनाधार वाले नेताओं की वापसी से संगठन को मजबूती मिलेगी। वहीं TMC ने इसे व्यक्तिगत फैसला करार देते हुए कहा कि इससे पार्टी की ताकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कुल मिलाकर, मौसमी नूर की ‘घर वापसी’ ने बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इसके असर और गहराने की संभावना है।



