महाराष्ट्रराजनीति

ठाकरे ब्रदर्स–कांग्रेस ने नहीं उतारा उम्मीदवार, बेटे की जीत लगभग तय

ठाकरे ब्रदर्स-कांग्रेस ने नहीं उतारा कैडिंडेट, बेटे की जीत लगभग तय

मुंबई बीएमसी चुनावों के लिए नामांकन का समय खत्म होने के बाद वार्ड संख्या 107 में अजीबोगरीब स्थिति सामने आई है। इस वार्ड से बीजेपी ने किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया को उतारा था, लेकन नील के सामने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले गठबंधन ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है।

ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार न उतारे जाने के बाद मुकाबला एकतरफा होता नजर आ रहा है। इस स्थिति में सत्तारूढ़ खेमे से मैदान में उतरे नेता के बेटे की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी खेमे में आपसी सहमति न बन पाने और रणनीतिक कारणों के चलते ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस ने इस सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया। इसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ गठबंधन को मिला है, जहां बिना मजबूत चुनौती के उम्मीदवार को बढ़त मिलती दिख रही है।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि विरोधी उम्मीदवार के अभाव में चुनाव औपचारिकता बनता जा रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह फैसला भविष्य की गठबंधन राजनीति और सीट-बंटवारे का संकेत भी हो सकता है। वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि यह रणनीतिक चुप्पी है, ताकि आगे के चुनावों में बेहतर तालमेल बनाया जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम से साफ है कि मुंबई की राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जहां एक ओर सत्तारूढ़ पक्ष इसे बड़ी जीत के रूप में देख रहा है, वहीं विपक्ष के लिए यह आत्ममंथन का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इसके असर अन्य सीटों पर भी देखने को मिल सकते हैं।सिर्फ ठाकरे ब्रदर्स ही नहीं यहां से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस से भी कोई कैंडिडेट नहीं है। ऐसे में किरीट सोमैया के बेटे की जीत अब तय मानी जा रही है।

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